Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.24.59: यह महान राजा सत्यव्रत तथा भगवान विष्णु के मत्स्यावतार से सम्बंधित कथा एक अत्यंत दिव्य आख्यान है। जो कोई भी इसे सुनता है, वह पापमय जीवन से उत्पन्न होने वाले परिणामों से मुक्त हो जाता है। | bhagavat अध्याय 8.24: भगवान् का मत्स्यावतार । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह महान राजा सत्यव्रत तथा भगवान विष्णु के मत्स्यावतार से सम्बंधित कथा एक अत्यंत दिव्य आख्यान है। जो कोई भी इसे सुनता है, वह पापमय जीवन से उत्पन्न होने वाले परिणामों से मुक्त हो जाता है।
This story related to the great king Satyavrata and the Matsya avatar of Lord Vishnu is a great divine tale. Whoever listens to it is freed from the consequences of a sinful life.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥