Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.24.40: अपने सुझावों को पूर्व की ओर करते हुए कुश बिछाने के बाद, स्वयं उत्तर-पूर्व दिशा में मुँह करके संत राजा कुशों पर बैठ गए और उस भगवान विष्णु का ध्यान करने लगे, जिन्होंने मछली का रूप धारण किया था। | bhagavat अध्याय 8.24: भगवान् का मत्स्यावतार । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपने सुझावों को पूर्व की ओर करते हुए कुश बिछाने के बाद, स्वयं उत्तर-पूर्व दिशा में मुँह करके संत राजा कुशों पर बैठ गए और उस भगवान विष्णु का ध्यान करने लगे, जिन्होंने मछली का रूप धारण किया था।
The saint king spread the ends of the kusha grass towards the east and himself sat on the kusha grass facing north-east and started meditating on Lord Vishnu who had taken the form of a fish.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥