श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 24: भगवान् का मत्स्यावतार  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.24.24 
क्षिप्यमाणस्तमाहेदमिह मां मकरादय: ।
अदन्त्यतिबला वीर मां नेहोत्स्रष्टुमर्हसि ॥ २४ ॥
 
 
अनुवाद
समुद्र में फेंके जाते समय मछली ने राजा सत्यव्रत से निवेदन किया: हे वीर! इस जल में अत्यन्त शक्तिशाली एवं घातक मगर हैं जो मुझे खा जाएँगे। अत: मुझे इस स्थान में न फेंको।
 
While being thrown into the sea, the fish said to King Satyavrata: O brave one! There are very powerful and deadly crocodiles in this water, who will eat me. Therefore, do not throw me in this place.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)