Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.24.23: इस प्रकार प्रार्थना किए जाने पर राजा सत्यव्रत उस मछली को जल के सबसे बड़े आश्रय पर ले गए। पर जब वह भी अपर्याप्त सिद्ध हुआ तो राजा ने अंत में उस मछली को सागर में डाल दिया। | bhagavat अध्याय 8.24: भगवान् का मत्स्यावतार । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार प्रार्थना किए जाने पर राजा सत्यव्रत उस मछली को जल के सबसे बड़े आश्रय पर ले गए। पर जब वह भी अपर्याप्त सिद्ध हुआ तो राजा ने अंत में उस मछली को सागर में डाल दिया।
Having been thus prayed to, King Satyavrata brought the fish to the largest reservoir of water. But when that too proved insufficient, the king finally threw the fish into the sea.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥