एकदा कृतमालायां कुर्वतो जलतर्पणम् ।
तस्याञ्जल्युदके काचिच्छफर्येकाभ्यपद्यत ॥ १२ ॥
अनुवाद
एक दिन जब राजा सत्यव्रत कृतमाला नदी के किनारे बैठकर जल तर्पण करके तपस्या कर रहे थे, तभी उनकी हथेलियों के पानी में एक छोटी मछली दिखाई दी।
One day, when King Satyavrata was performing penance by offering water on the banks of the Kritamala river, a small fish appeared in the water in his palm.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥