Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.23.28: हे महाराज परीक्षित! हे कुल में आनंद देने वाले! मैंने भगवान वामनदेव के अद्भुत कार्यों के विषय में सारा वर्णन कर दिया है। जो लोग इसे सुनते हैं, वे निश्चित रूप से पापकर्मों के सभी फलों से मुक्त हो जाते हैं। | bhagavat अध्याय 8.23: देवताओं को स्वर्गलोक की पुनर्प्राप्ति । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वमेतन्मयाख्यातं भवत: कुलनन्दन ।
उरुक्रमस्य चरितं श्रोतृणामघमोचनम् ॥ २८ ॥
अनुवाद
हे महाराज परीक्षित! हे कुल में आनंद देने वाले! मैंने भगवान वामनदेव के अद्भुत कार्यों के विषय में सारा वर्णन कर दिया है। जो लोग इसे सुनते हैं, वे निश्चित रूप से पापकर्मों के सभी फलों से मुक्त हो जाते हैं।
O Maharaja Pariksit, O joy of my race, I have now narrated to you all the wonderful deeds of Lord Vamanadeva. Those who hear this are certainly freed from all the reactions of sinful activities.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥