Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.23.20-21: भगवान ब्रह्मा (जो राजा दक्ष और सभी प्रजापतियों के स्वामी हैं), सभी देवताओं, महान संतों, पितृलोक के निवासियों, मनुओं, मुनियों और दक्ष, भृगु और अंगिरा जैसे नेताओं के साथ-साथ कार्तिकेय और भगवान शिव ने भगवान वामनदेव को सभी के रक्षक के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने यह कश्यप मुनि और उनकी पत्नी अदिति की खुशी और ब्रह्मांड के सभी निवासियों और उनके विभिन्न नेताओं के कल्याण के लिए किया। | bhagavat अध्याय 8.23: देवताओं को स्वर्गलोक की पुनर्प्राप्ति । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजापतिपतिर्ब्रह्मा देवर्षिपितृभूमिपै: ।
दक्षभृग्वङ्गिरोमुख्यै: कुमारेण भवेन च ॥ २० ॥
कश्यपस्यादिते: प्रीत्यै सर्वभूतभवाय च ।
लोकानां लोकपालानामकरोद् वामनं पतिम् ॥ २१ ॥
अनुवाद
भगवान ब्रह्मा (जो राजा दक्ष और सभी प्रजापतियों के स्वामी हैं), सभी देवताओं, महान संतों, पितृलोक के निवासियों, मनुओं, मुनियों और दक्ष, भृगु और अंगिरा जैसे नेताओं के साथ-साथ कार्तिकेय और भगवान शिव ने भगवान वामनदेव को सभी के रक्षक के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने यह कश्यप मुनि और उनकी पत्नी अदिति की खुशी और ब्रह्मांड के सभी निवासियों और उनके विभिन्न नेताओं के कल्याण के लिए किया।
Brahma (who is the lord of King Daksha and all other Prajapatis) accepted all the demigods, great sages, inhabitants of Pitriloka, Manus, sages and heroes like Daksha, Bhrigu and Angira, and Lord Vamandev along with Kartikeya and Lord Shiva as the protectors of everyone. He did all this for the happiness of sage Kasyapa and his wife Aditi and for the welfare of all the inhabitants of the universe and their various heroes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥