श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 21: भगवान् द्वारा बलि महाराज को बन्दी बनाया जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  8.21.24 
एतान् वयं विजेष्यामो यदि दैवं प्रसीदति ।
तस्मात् कालं प्रतीक्षध्वं यो नोऽर्थत्वाय कल्पते ॥ २४ ॥
 
 
अनुवाद
जब तक किस्मत हमारी नहीं साथ देगी, तब तक हम जीत हासिल नहीं कर पायेंगे। इसलिए हमें उस अनुकूल समय का इंतज़ार करना पड़ेगा जब हम उन्हें हरा सकेंगे।
 
Unless luck is in our favour we will not be able to achieve victory. Therefore we should wait for the right time when we will be able to defeat them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)