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श्लोक 8.21.24  |
एतान् वयं विजेष्यामो यदि दैवं प्रसीदति ।
तस्मात् कालं प्रतीक्षध्वं यो नोऽर्थत्वाय कल्पते ॥ २४ ॥ |
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| अनुवाद |
| जब तक किस्मत हमारी नहीं साथ देगी, तब तक हम जीत हासिल नहीं कर पायेंगे। इसलिए हमें उस अनुकूल समय का इंतज़ार करना पड़ेगा जब हम उन्हें हरा सकेंगे। |
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| जब तक किस्मत हमारी नहीं साथ देगी, तब तक हम जीत हासिल नहीं कर पायेंगे। इसलिए हमें उस अनुकूल समय का इंतज़ार करना पड़ेगा जब हम उन्हें हरा सकेंगे। |
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