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bhagavat 8.21.18: जब बलि महाराज को दिखा कि भगवान विष्णु के दास उनके अपने सैनिकों को मार रहे हैं, तो उन्हें शुक्राचार्य का शाप याद आया और उन्होंने अपने सैनिकों को युद्ध लड़ना बंद करने का हुकुम दिया।   |   bhagavat अध्याय 8.21: भगवान् द्वारा बलि महाराज को बन्दी बनाया जाना   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 21: भगवान् द्वारा बलि महाराज को बन्दी बनाया जाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  8.21.18 
हन्यमानान् स्वकान् द‍ृष्ट्वा पुरुषानुचरैर्बलि: ।
वारयामास संरब्धान् काव्यशापमनुस्मरन् ॥ १८ ॥
 
 
अनुवाद
जब बलि महाराज को दिखा कि भगवान विष्णु के दास उनके अपने सैनिकों को मार रहे हैं, तो उन्हें शुक्राचार्य का शाप याद आया और उन्होंने अपने सैनिकों को युद्ध लड़ना बंद करने का हुकुम दिया।
 
When Bali Maharaja saw that his own soldiers were being killed by the followers of Lord Viṣṇu, he remembered the curse of Sukrācārya and forbade his soldiers to continue the battle.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)