हे प्रभु! आप यह भी देख सकते हैं कि इस संसार का सारा भौतिक ऐश्वर्य उसके मालिक की मृत्यु के समय निश्चित रूप से अलग हो जाता है। इसलिए, यदि ब्राह्मण वामनदेव दिये गये उपहारों से संतुष्ट नहीं हैं तो क्यों न उन्हें उस धन से संतुष्ट कर लिया जाए जो मृत्यु के समय जाने वाला है?
O Lord, you can also see that all the material wealth of this world is certainly lost at the time of death of its owner. Therefore, if the Brahman Vamanadeva is not satisfied with the gifts (donations) given to him, why not satisfy him with the wealth which is going to be lost at the time of death?
तात्पर्य
विप्र शब्द का अर्थ ब्राह्मण होता है, और साथ ही "गोपनीय" भी होता है। बलि महाराज ने भगवान वामनदेव को चर्चा के बगैर ही उपहार देने का गोपनीय निर्णय ले लिया था, परन्तु क्योंकि ऐसे निर्णय से असुरों और उनके आध्यात्मिक गुरु शुक्राचार्य के हृदय को ठेस पहुंचती, उन्होंने टालमटोल से बात की। बलि महाराज ने एक शुद्ध भक्त के रूप में पहले से ही भगवान विष्णु को सारी भूमि देने का निर्णय ले लिया था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥