Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.19.29: भगवान विष्णु के प्रयोजन को समझकर, विद्वानों में सर्वश्रेष्ठ शुक्राचार्य ने तुरंत अपने शिष्य बलि से, जो भगवान वामनदेव को सब कुछ अर्पित करने जा रहा था, इस प्रकार कहा। | bhagavat अध्याय 8.19: बलि महाराज से वामनदेव द्वारा दान की याचना । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान विष्णु के प्रयोजन को समझकर, विद्वानों में सर्वश्रेष्ठ शुक्राचार्य ने तुरंत अपने शिष्य बलि से, जो भगवान वामनदेव को सब कुछ अर्पित करने जा रहा था, इस प्रकार कहा।
Knowing the intention of Lord Vishnu, Shukracharya, the best of learned men, at once spoke to his disciple Bali, who was going to offer everything to Lord Vamanadeva, as follows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥