Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.18.31: हे ब्राह्मणपुत्र! आज की यज्ञ-अग्नि शास्त्रादेशानुसार प्रज्ज्वलित हुई है और आपके कमल चरणों से धुले जल से मैं अपने पापकर्मों से मुक्त हो गया हूँ। हे स्वामी! आपके छोटे कमल चरणों के स्पर्श से सारा संसार पवित्र हो गया है। | bhagavat अध्याय 8.18: भगवान् वामनदेव : वामन अवतार । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अद्याग्नयो मे सुहुता यथाविधि
द्विजात्मज त्वच्चरणावनेजनै: ।
हतांहसो वार्भिरियं च भूरहो
तथा पुनीता तनुभि: पदैस्तव ॥ ३१ ॥
अनुवाद
हे ब्राह्मणपुत्र! आज की यज्ञ-अग्नि शास्त्रादेशानुसार प्रज्ज्वलित हुई है और आपके कमल चरणों से धुले जल से मैं अपने पापकर्मों से मुक्त हो गया हूँ। हे स्वामी! आपके छोटे कमल चरणों के स्पर्श से सारा संसार पवित्र हो गया है।
O son of a Brahmin! Today this sacrificial fire has been lit as per the injunctions of the scriptures and by the water washed by your feet I have been freed from all the consequences of my sins. O Swami! The entire surface of the world has become pure by the touch of your small feet.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥