Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.16.37: सारे देवता और लक्ष्मी भी उनके चरण-कमलों की सेवा में तत्पर रहते हैं। निःसंदेह, वे उन चरण-कमलों की सुगंध का सम्मान करते हैं। ऐसे भगवान मुझ पर प्रसन्न हों। | bhagavat अध्याय 8.16: पयोव्रत पूजा विधि का पालन करना । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सारे देवता और लक्ष्मी भी उनके चरण-कमलों की सेवा में तत्पर रहते हैं। निःसंदेह, वे उन चरण-कमलों की सुगंध का सम्मान करते हैं। ऐसे भगवान मुझ पर प्रसन्न हों।
All the gods and Goddess Lakshmi are also engaged in serving His feet. Undoubtedly, they respect the fragrance of those feet. May such a Lord be pleased with me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥