Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 8.16.26: यदि सूअर द्वारा खोदी गई मिट्टी मिल जाए तो अमावस्या के दिन उसी मिट्टी को शरीर पर लगाकर बहती नदी में स्नान करें। स्नान करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें।   |   bhagavat अध्याय 8.16: पयोव्रत पूजा विधि का पालन करना   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 16: पयोव्रत पूजा विधि का पालन करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  8.16.26 
सिनीवाल्यां मृदालिप्य स्‍नायात् क्रोडविदीर्णया ।
यदि लभ्येत वै स्रोतस्येतं मन्त्रमुदीरयेत् ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
यदि सूअर द्वारा खोदी गई मिट्टी मिल जाए तो अमावस्या के दिन उसी मिट्टी को शरीर पर लगाकर बहती नदी में स्नान करें। स्नान करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें।
 
If the soil dug up by pigs is available, then on the day of Amavasya, apply this soil on your body and take a bath in a flowing river. While taking a bath, recite the following mantra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)