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श्लोक 8.16.23  |
आदिश त्वं द्विजश्रेष्ठ विधिं तदुपधावनम् ।
आशु तुष्यति मे देव: सीदन्त्या: सह पुत्रकै: ॥ २३ ॥ |
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| अनुवाद |
| हे श्रेष्ठ ब्राह्मणो! कृपा कर मुझे भगवान की भक्तिपूर्वक आराधना की सर्वोत्तम विधि बताओ जिससे कि भगवान जल्द ही मुझ पर प्रसन्न हो जाएं और मेरे पुत्रों सहित मुझे इस महा-संकट से उबार लें। |
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| हे श्रेष्ठ ब्राह्मणो! कृपा कर मुझे भगवान की भक्तिपूर्वक आराधना की सर्वोत्तम विधि बताओ जिससे कि भगवान जल्द ही मुझ पर प्रसन्न हो जाएं और मेरे पुत्रों सहित मुझे इस महा-संकट से उबार लें। |
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