गुरु-मुख-पद्म-वाक्य, चित्ते करिया ऐक्य,
आर न करिहा मनें आशा
विशेष रूप से आध्यात्मिक उन्नति के लिए, व्यक्ति को आध्यात्मिक गुरु के प्रामाणिक आदेश को पूरा करना चाहिए। परंपरा प्रणाली से, इस प्रकार व्यक्ति को सर्वोच्च भगवान (एवं परंपरा-प्राप्त इमां राजर्षयो विदुः) से आने वाली मूल आध्यात्मिक शक्ति से युक्त किया जा सकता है।
