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bhagavat 8.14.11: एक कल्प, या ब्रह्मा का एक दिन, अवधि में अनेक परिवर्तन होते हैं जिन्हें विकल्प कहते हैं। हे राजन! इन सभी विकल्पों का मैंने पूर्व में ही वर्णन कर दिया है। विद्वान व्यक्ति, जो भूत, वर्तमान और भविष्य को जानते हैं, ने यह सुनिश्चित कर लिया है कि ब्रह्मा के एक दिन में चौदह मनु होते हैं।   |   bhagavat अध्याय 8.14: विश्व व्यवस्था की पद्धति   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 14: विश्व व्यवस्था की पद्धति  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  8.14.11 
एतत् कल्पविकल्पस्य प्रमाणं परिकीर्तितम् ।
यत्र मन्वन्तराण्याहुश्चतुर्दश पुराविद: ॥ ११ ॥
 
 
अनुवाद
एक कल्प, या ब्रह्मा का एक दिन, अवधि में अनेक परिवर्तन होते हैं जिन्हें विकल्प कहते हैं। हे राजन! इन सभी विकल्पों का मैंने पूर्व में ही वर्णन कर दिया है। विद्वान व्यक्ति, जो भूत, वर्तमान और भविष्य को जानते हैं, ने यह सुनिश्चित कर लिया है कि ब्रह्मा के एक दिन में चौदह मनु होते हैं।
 
In one kalpa, i.e. in one day of Brahma, many changes take place which are called vikalpas. O king! I have already described all these. Learned persons who know the past, present and future have known with confidence that in one day of Brahma there are fourteen Manus.
 
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध आठ के अंतर्गत चौदहवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)