श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 13: भावी मनुओं का वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.13.7 
सङ्‌क्षेपतो मयोक्तानि सप्तमन्वन्तराणि ते ।
भविष्याण्यथ वक्ष्यामि विष्णो: शक्त्यान्वितानि च ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
मैंने संक्षेप में आपको सात मनुओं की स्थिति समझाई है। अब मैं भगवान विष्णु के अवतारों के साथ भविष्य के मनुओं का वर्णन करूँगा।
 
I have briefly told you about the status of the seven Manus. Now I will describe the future Manus along with the incarnations of Lord Vishnu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)