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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन
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अध्याय 13: भावी मनुओं का वर्णन
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श्लोक 21
श्लोक
8.13.21
दशमो ब्रह्मसावर्णिरुपश्लोकसुतो मनु: ।
तत्सुता भूरिषेणाद्या हविष्मत्प्रमुखा द्विजा: ॥ २१ ॥
अनुवाद
उपश्लोक का पुत्र ब्रह्मसावर्णि नाम का दसवाँ मनु होगा। उसके पुत्रों में भूरिषेण भी होगा और हविष्मान आदि ब्राह्मण सप्तर्षि होंगे।
Upashloka's son Brahmasavarni would be the tenth Manu. Bhurishena will be one of his sons and Havishman etc. will be the Brahmin Saptarishis.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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