शुकदेव गोस्वामी ने कहा : हे राजा! जिस पुरुष ने क्षीरसागर के मन्थन के लिए अपनी पीठ पर महान् पर्वत को धारण किया था, वही शार्ङ्गधन्वा नामक भगवान हैं। मैंने तुमको अभी उन्हीं के पराक्रम का वर्णन किया है।
Shukdeva Goswami said: O King! The person who carried a huge mountain on his back to churn the ocean of milk is the same God named Sharngadhanva. I have just described to you his prowess.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥