परस्य शक्तिर विविधैव श्रूयते
स्वाभाविकी ज्ञान-बल-क्रिया च
(श्वेताश्वतर उपनिषद 6.8)
परम भगवान के पास विभिन्न शक्तियां हैं, जिनके द्वारा वे बहुत कुशलता से कार्य कर सकते हैं। किसी भी काम को कुशलता से करने के लिए उन्हें चिंतन करने की भी आवश्यकता नहीं है। चूंकि भगवान शिव को महिला द्वारा परेशान किया जा रहा था, इसलिए यह समझना चाहिए कि यह काम किसी महिला द्वारा नहीं बल्कि स्वयं भगवान विष्णु द्वारा किया जा रहा था।
