Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.12.23: जब गेंद उसके हाथ से छिटककर दूर जा गिरी, तब वह स्त्री उसके पीछे दौड़ने लगी। उधर शिवजी ये सब देख रहे थे, तब अचानक एक तेज़ हवा चली और स्त्री के सुन्दर वस्त्र और कमरबंद जो उसे ढँकने का काम कर रहे थे, उड़ गए। | bhagavat अध्याय 8.12: मोहिनी-मूर्ति अवतार पर शिवजी का मोहित होना । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्या: कराग्रात् स तु कन्दुको यदागतो विदूरं तमनुव्रजत्स्त्रिया: ।
वास: ससूत्रं लघु मारुतोऽहरद्भवस्य देवस्य किलानुपश्यत: ॥ २३ ॥
अनुवाद
जब गेंद उसके हाथ से छिटककर दूर जा गिरी, तब वह स्त्री उसके पीछे दौड़ने लगी। उधर शिवजी ये सब देख रहे थे, तब अचानक एक तेज़ हवा चली और स्त्री के सुन्दर वस्त्र और कमरबंद जो उसे ढँकने का काम कर रहे थे, उड़ गए।
When the ball bounced off her hand, the lady began to pursue it, but while Lord Shiva was watching these pastimes, suddenly the wind carried away her beautiful garments and the girdle which covered her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥