हे उत्तम देवताओं, अब मैं तुम्हें अपना वह रूप दिखाऊंगा जिसकी कामी पुरुषों द्वारा बहुत सराहना की जाती है। चूंकि तुम उस रूप को देखना चाहते हो, इसलिए मैं इसे तुम्हारे सामने प्रकट करूंगा।
O best of the gods! Now I will show you that form of mine which is most admired by lustful men. Since you want to see that form of mine, therefore I will reveal it to you.
तात्पर्य
भगवान शिव को भगवान विष्णु के सबसे आकर्षक और सुंदर नारी रूप को देखने की इच्छा अवश्य ही एक मजाकिया मामला था। भगवान शिव जानते थे कि वह किसी तथाकथित सुंदर स्त्री द्वारा उत्तेजित नहीं हो सकते। उन्होंने सोचा, "दानव शायद भ्रमित हो गए होंगे," लेकिन देवता भी उत्तेजित नहीं हो सके, तो फिर मेरी तो बात ही क्या है, जो कि सर्वोच्च देवता हूं?" हालाँकि, क्योंकि भगवान शिव भगवान विष्णु के रूप को एक स्त्री के रूप में देखना चाहते थे, भगवान विष्णु ने एक स्त्री का रूप धारण करने और उन्हें एक ऐसा रूप दिखाने का फैसला किया जो उन्हें तुरंत ही कामोत्तेजना की अथाह गहराई में डाल देगा। इसलिए, वास्तव में, भगवान विष्णु ने भगवान शिव से कहा, "मैं तुम्हें एक स्त्री के रूप में अपना रूप दिखाऊंगा, और यदि तुम कामोत्तेजक इच्छाओं से उत्तेजित हो जाते हो, तो मुझे दोष मत देना।" एक स्त्री के आकर्षक गुणों की सराहना उन लोगों द्वारा की जाती है जो कामोत्तेजक इच्छाओं से प्रभावित होते हैं, लेकिन जो लोग ऐसी इच्छाओं से ऊपर उठ चुके हैं, जो कृष्ण चेतना के मंच पर हैं, उन्हें भ्रमित करना बहुत मुश्किल है। फिर भी, भगवान के श्रेष्ठ द्वारा इच्छा में, सब कुछ किया जा सकता है। यह एक परीक्षा थी कि भगवान शिव अविचलित रह सकते हैं या नहीं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥