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bhagavat 8.11.16: इसके बाद, इंद्र के सारथी मातलि, हजार घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले इंद्र के रथ को ले आए। तब इंद्र ने अपने हाथी को छोड़ दिया और रथ पर चढ़ गए।   |   bhagavat अध्याय 8.11: इन्द्र द्वारा असुरों का संहार   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 11: इन्द्र द्वारा असुरों का संहार  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.11.16 
ततो रथो मातलिना हरिभिर्दशशतैर्वृत: ।
आनीतो द्विपमुत्सृज्य रथमारुरुहे विभु: ॥ १६ ॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद, इंद्र के सारथी मातलि, हजार घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले इंद्र के रथ को ले आए। तब इंद्र ने अपने हाथी को छोड़ दिया और रथ पर चढ़ गए।
 
Then Matali, Indra's charioteer, brought Indra's chariot drawn by a thousand horses. Then Indra left his elephant and climbed onto the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)