श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 11: इन्द्र द्वारा असुरों का संहार  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  8.11.15 
गदाप्रहारव्यथितो भृशं विह्वलितो गज: ।
जानुभ्यां धरणीं स्पृष्ट्वा कश्मलं परमं ययौ ॥ १५ ॥
 
 
अनुवाद
जम्भासुर की गदा से मार खाकर इंद्र का हाथी बेसुध हो गया और ज़मीन पर गिर गया।
 
Indra's elephant was disturbed and pained after being hit by Jambhasur's mace. It knelt down on the ground and fell unconscious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)