श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 10: देवताओं तथा असुरों के बीच युद्ध  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.10.7 
शङ्खतूर्यमृदङ्गानां भेरीडमरिणां महान् ।
हस्त्यश्वरथपत्तीनां नदतां निस्वनोऽभवत् ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
शंख, तुरहियां, ढोल, भेरियां और डमरूओं की आवाजों के साथ ही हाथियों, घोड़ों और सैनिकों की ध्वनियों से, जो रथों पर चढ़े हुए थे और पैदल चल रहे थे, कोलाहल मच गया।
 
The sounds of conches, trumpets, drums, harps and damris, along with the sounds of elephants, horses, chariots and foot soldiers, created a commotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)