| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन » अध्याय 10: देवताओं तथा असुरों के बीच युद्ध » श्लोक 36 |
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| | | | श्लोक 8.10.36  | भुशुण्डिभिश्चक्रगदर्ष्टिपट्टिशै:
शक्त्युल्मुकै: प्रासपरश्वधैरपि ।
निस्त्रिंशभल्लै: परिघै: समुद्गरै:
सभिन्दिपालैश्च शिरांसि चिच्छिदु: ॥ ३६ ॥ | | | | | | अनुवाद | | उन्होंने भुशुंडि, चक्र, गदा, ऋष्टि, पट्टिश, शक्ति, उल्मुक, प्रास, परश्वध, निस्त्रिंश, भाला, परिघ, मुद्गर और भिन्डीपाल जैसे हथियारों से एक-दूसरे के सर काट डाले। | | | | उन्होंने भुशुंडि, चक्र, गदा, ऋष्टि, पट्टिश, शक्ति, उल्मुक, प्रास, परश्वध, निस्त्रिंश, भाला, परिघ, मुद्गर और भिन्डीपाल जैसे हथियारों से एक-दूसरे के सर काट डाले। | | ✨ ai-generated | | |
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