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bhagavat 8.1.30: इसी मन्वन्तर में भगवान् विष्णु ने हरिमेधा की पत्नी हरिणी के गर्भ से जन्म लिया और उन्हें हरि के नाम से जाना गया। हरि ने अपने भक्त, हाथियों के राजा गजेन्द्र को मगरमच्छ के मुँह से बचाया।   |   bhagavat अध्याय 8.1: ब्रह्माण्ड के प्रशासक मनु   ।   bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन  »  अध्याय 1: ब्रह्माण्ड के प्रशासक मनु  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.1.30 
तत्रापि जज्ञे भगवान्हरिण्यां हरिमेधस: ।
हरिरित्याहृतो येन गजेन्द्रो मोचितो ग्रहात् ॥ ३० ॥
 
 
अनुवाद
इसी मन्वन्तर में भगवान् विष्णु ने हरिमेधा की पत्नी हरिणी के गर्भ से जन्म लिया और उन्हें हरि के नाम से जाना गया। हरि ने अपने भक्त, हाथियों के राजा गजेन्द्र को मगरमच्छ के मुँह से बचाया।
 
In this Manvantara, Lord Vishnu was also born from the womb of Harimedha's wife Harini and he was called Hari. Hari rescued the king of elephants and his devotee Gajendra from the mouth of a crocodile.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)