Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 8.1.24: तीसरे मनु के शासनकाल के दौरान, वशिष्ठ के पुत्र प्रमद और अन्य सप्तर्षि कहलाए। सत्यगण, वेदश्रुतगण और भद्रगण देवता बने, और सत्यजित् को स्वर्ग के राजा इंद्र के रूप में चुना गया। | bhagavat अध्याय 8.1: ब्रह्माण्ड के प्रशासक मनु । bhagavat स्कन्ध 8: ब्रह्माण्डीय सृष्टि का निवर्तन । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तीसरे मनु के शासनकाल के दौरान, वशिष्ठ के पुत्र प्रमद और अन्य सप्तर्षि कहलाए। सत्यगण, वेदश्रुतगण और भद्रगण देवता बने, और सत्यजित् को स्वर्ग के राजा इंद्र के रूप में चुना गया।
During the reign of the third Manu, Pramad and other sons of Vashishtha became Saptarishis. Satyagan, Vedashrutagan and Bhadragan became gods and Satyajit was chosen as Indra, the king of heaven.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥