Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 7.5.42: हे राजन युधिष्ठिर, जब प्रह्लाद महाराज को मार डालने की असुरों की सारी कोशिशें व्यर्थ हो गईं तो दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु बहुत घबरा गए और उसे मारने के और तरीके ढूँढ़ने लगे। | bhagavat अध्याय 7.5: हिरण्यकशिपु का साधु पुत्र प्रह्लाद महाराज । bhagavat स्कन्ध 7: भगवद्-विज्ञान । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे राजन युधिष्ठिर, जब प्रह्लाद महाराज को मार डालने की असुरों की सारी कोशिशें व्यर्थ हो गईं तो दैत्यों के राजा हिरण्यकशिपु बहुत घबरा गए और उसे मारने के और तरीके ढूँढ़ने लगे।
O King Yudhishthira, when all the efforts of the demons to kill Prahlada Maharaja failed, the demon King Hiranyakshipu became very frightened and began planning other ways to kill him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥