अरे अयोग्य व अत्यंत घृणित ब्राह्मण पुत्र, तूने मेरे आदेश की अवज्ञा की और मेरे दुश्मनों का पक्ष लिया है। तूने इस निर्धन बालक को भक्ति का पाठ पढ़ाया है। यह क्या बकवास है?
Oh, you most wicked and unworthy son of a Brahmin, you have disobeyed my order and have taken refuge with my enemy. You have taught this poor boy the lesson of devotion. What nonsense is this?
तात्पर्य
इस श्लोक में "असारम्" शब्द महत्वपूर्ण है जिसका अर्थ है, "जिसमें कोई तत्व नहीं है"। राक्षसों के लिए भक्ति की प्रक्रिया में कोई तत्व नहीं होता है, लेकिन एक भक्त के लिए भक्ति ही जीवन का एकमात्र आवश्यक तत्व होती है। चूँकि हिरण्याकश्यप भक्ति को पसंद नहीं करते थे, जोकि जीवन का सार है, उन्होंने प्रह्लाद महाराज के शिक्षकों को कठोर शब्दों से डांटा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)