Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 7.14.25: ऋतु परिवर्तन के इन अवसरों पर अगर कोई गंगा या यमुना या किसी तीर्थ स्थल पर स्नान करे, अगर कीर्तन करे, अग्नि यज्ञ करे, व्रत रखे या भगवान, ब्राह्मणों, पितरों, देवताओं और जीवों की पूजा करे या जो कुछ दान करे, तो उसका स्थायी लाभप्रद फल प्राप्त होता है। | bhagavat अध्याय 7.14: आदर्श पारिवारिक जीवन । bhagavat स्कन्ध 7: भगवद्-विज्ञान । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऋतु परिवर्तन के इन अवसरों पर अगर कोई गंगा या यमुना या किसी तीर्थ स्थल पर स्नान करे, अगर कीर्तन करे, अग्नि यज्ञ करे, व्रत रखे या भगवान, ब्राह्मणों, पितरों, देवताओं और जीवों की पूजा करे या जो कुछ दान करे, तो उसका स्थायी लाभप्रद फल प्राप्त होता है।
On these occasions of change of seasons, if one takes a bath in the Ganga or the Yamuna or in any holy place, if one sings hymns, performs fire sacrifices, observes fasts, or worships the Lord, the Brahmins, the ancestors, the deities, the common people, or gives charity, then one gets permanent beneficial results.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥