यद्यपि भगवान् श्री कृष्ण मनुष्य के रूप में प्रकट हुए थे, पर उन्होंने अपनी शक्ति से बहुत असाधारण और अनोखे लीलाएँ कीं। उन महान संतों ने उनके कार्यों के बारे में जो भी कहा है, मैं उससे ज्यादा क्या कह सकता हूं? कोई भी व्यक्ति एक योग्य व्यक्ति से भगवान् के कार्यों को सुनकर ही शुद्ध हो सकता है।
Although Lord Krishna appeared in human form, He performed many extraordinary and wonderful pastimes by His energy. What more can I say than what has been said by those great saintly persons? Every person can become pure simply by hearing about the activities of the Lord from an authoritative person.
तात्पर्य
भगवद गीता और सभी वैदिक ग्रंथ भली-भांति समझाते हैं कि भगवान कृष्ण, मानव समाज में एक साधारण मानव के रूप में प्रकट होते हैं, लेकिन वे पूरी दुनिया की भलाई के लिए असाधारण कार्य करते हैं। मायावी ऊर्जा से प्रभावित न होकर भगवान कृष्ण को एक साधारण मनुष्य मानना चाहिए। जो लोग वास्तव में परम सत्य की खोज करते हैं, उनको समझ आता है कि कृष्ण ही सब कुछ हैं। (वासुदेवः सर्वमिति) । ऐसी महान आत्माएँ बहुत विरल हैं। फिर भी, यदि कोई संपूर्ण भगवद-गीता का अध्ययन करता है, तो कृष्ण को समझना बहुत आसान है। कृष्ण चेतना आंदोलन सिर्फ कृष्ण को भगवान के रूप में पूरी दुनिया में प्रसिद्ध करने का प्रयास कर रहा है। (कृष्णस्तु भगवान स्वयं) । यदि लोग इस आंदोलन को गंभीरता से लेंगे, तो मनुष्य के रूप में उनका जीवन सफल होगा।
इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध सात के अंतर्गत दसवाँ अध्याय समाप्त होता है ।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥