Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 7.10.36: ब्राह्मणों के शाप से उन्हीं दो पार्षदों ने फिर से कुम्भकर्ण और दशानन रावण के रूप में जन्म लिया। ये दोनों राक्षस भगवान रामचंद्र के अप्रतिम पराक्रम को धराशायी करने के लिए मारे गए। | bhagavat अध्याय 7.10: भक्त शिरोमणि प्रह्लाद । bhagavat स्कन्ध 7: भगवद्-विज्ञान । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मणों के शाप से उन्हीं दो पार्षदों ने फिर से कुम्भकर्ण और दशानन रावण के रूप में जन्म लिया। ये दोनों राक्षस भगवान रामचंद्र के अप्रतिम पराक्रम को धराशायी करने के लिए मारे गए।
Being cursed by the Brahmins, these two councillors were reborn as Kumbhakarna and Dashagriva Ravana. Both these demons were killed by the matchless might of Lord Ramachandra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥