एतद्भ्राम्यति मे बुद्धिर्दीपार्चिरिव वायुना ।
ब्रूह्येतदद्भुततमं भगवान्ह्यत्र कारणम् ॥ २१ ॥
अनुवाद
यह विषय बेशक अद्भुत है। मेरी बुद्धि हिल गई है, जैसे तेज हवा चलने से दीपक की लौ हिल जाती है। हे नारद मुनि, आप सब कुछ जानते हैं। कृपया मुझे इस अद्भुत घटना का कारण बताएं।
This matter is undoubtedly very strange. My intellect is wavering in the same way as the flame of a lamp is disturbed by the blowing wind. O sage Narada, you know everything. Kindly tell me the reason for this strange phenomenon.
तात्पर्य
शास्त्रों का आदेश है, तद-विज्ञानार्थं स गुरूमेवाभिगच्छेत : जब कोई जीवन की कठिन समस्याओँ से परेशान हो, तो उनका समाधान करने के लिए उसे नारद या उनके शिष्य क्रम में उनके प्रतिनिधि के पास जाना चाहिए। इसलिए महाराज युधिष्ठिर ने नारद से ऐसी अद्भुत घटना का कारण समझाने का निवेदन किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)