श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य  »  अध्याय 9: वृत्रासुर राक्षस का आविर्भाव  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.9.22 
अविस्मितं तं परिपूर्णकामं
स्वेनैव लाभेन समं प्रशान्तम् ।
विनोपसर्पत्यपरं हि बालिश:
श्वलाङ्गुलेनातितितर्ति सिन्धुम् ॥ २२ ॥
 
 
अनुवाद
भगवान् सभी सांसारिक कल्पनाओं से रहित और कभी आश्चर्यचकित नहीं होते, वे हमेशा खुश रहते हैं और अपने आध्यात्मिक पूर्णता से पूरी तरह से संतुष्ट रहते हैं। उनके पास कोई भौतिक पदनाम नहीं है, और इसलिए वे स्थिर और अनासक्त हैं। वह सर्वोच्च व्यक्तित्व परमात्मा ही सभी का एकमात्र आश्रय है। कोई भी व्यक्ति जो दूसरों द्वारा संरक्षित होने की इच्छा रखता है, वह निश्चित रूप से एक महान मूर्ख है जो कुत्ते की पूंछ पकड़कर समुद्र पार करना चाहता है।
 
The Lord is devoid of all worldly imagination and is always without wonder. He is always happy and is completely satisfied with His own self. He has no worldly title and is thus steady and detached. The same Supreme Personality of Godhead is the only refuge of all. Therefore, a man who seeks protection from someone else is indeed a very foolish person and wants to cross the ocean by holding the tail of a dog.
तात्पर्य
एक कुत्ता पानी में तैर सकता है, लेकिन अगर एक कुत्ता समुद्र में गोता लगाता है और कोई कुत्ते की पूंछ को पकड़कर समुद्र पार करना चाहता है, तो वह निश्चित रूप से मूर्ख नंबर एक है। एक कुत्ता समुद्र पार नहीं कर सकता, न ही कोई व्यक्ति कुत्ते की पूंछ को पकड़कर समुद्र पार कर सकता है। इसी तरह, जो कोई अज्ञानता के समुद्र को पार करना चाहता है, उसे किसी भी देवता या किसी और की नहीं बल्कि भगवान के निडर आश्रय की शरण नहीं लेनी चाहिए। श्रीमद्-भागवतम (10.14.58) इसलिए कहता है:

समश्रिता ये पद-पल्लव-प्लवं

महत-पदं पुण्य-यशो-मुरारेः

भवम्बुधिर वत्स-पदं परं पदं

पदं पदं यद विपदां न तेषां

प्रभु के कमल चरण एक अविनाशी नाव हैं, और अगर कोई उस नाव का आश्रय लेता है तो वह आसानी से अज्ञानता के समुद्र को पार कर सकता है। नतीजतन, एक भक्त के लिए कोई खतरा नहीं है, हालांकि वह इस भौतिक दुनिया में रहता है, जो हर कदम पर खतरों से भरा है। व्यक्ति को अपनी स्वयं की गढ़ी हुई विचारों द्वारा संरक्षित होने की कोशिश करने के बजाय सर्वशक्तिमान की शरण लेनी चाहिए।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)