Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.7.31: प्रिय पुत्र, हम अपने शत्रुओं से हार गए हैं, और इसलिए हम बहुत दुखी हैं। कृपया अपनी तपस्या की ताकत के माध्यम से हमारे कष्टों को दूर करके हमारी इच्छाओं को पूरी करके हम पर कृपा करें। कृपया हमारी प्रार्थनाओं को पूरा करें। | bhagavat अध्याय 6.7: इन्द्र द्वारा गुरु बृहस्पति का अपमान । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्मात् पितृणामार्तानामार्तिं परपराभवम् ।
तपसापनयंस्तात सन्देशं कर्तुमर्हसि ॥ ३१ ॥
अनुवाद
प्रिय पुत्र, हम अपने शत्रुओं से हार गए हैं, और इसलिए हम बहुत दुखी हैं। कृपया अपनी तपस्या की ताकत के माध्यम से हमारे कष्टों को दूर करके हमारी इच्छाओं को पूरी करके हम पर कृपा करें। कृपया हमारी प्रार्थनाओं को पूरा करें।
O son! We are extremely saddened due to being defeated by our enemies. You remove our sufferings with your spiritual power and fulfill our desires. Fulfill our prayers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥