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श्लोक 6.4.8  |
अहो प्रजापतिपतिर्भगवान् हरिरव्यय: ।
वनस्पतीनोषधीश्च ससर्जोर्जमिषं विभु: ॥ ८ ॥ |
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| अनुवाद |
| भगवान श्री हरि ही सारे जीवों के स्वामी हैं जिनमें ब्रह्मा जैसे सारे प्रजापति भी शामिल हैं। अविनाशी सर्वव्यापी स्वामी होने के कारण उन्होंने बाकि जीवों के खाने पीने के लिए ये सारे वृक्ष और सब्जियाँ पैदा करी। |
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| भगवान श्री हरि ही सारे जीवों के स्वामी हैं जिनमें ब्रह्मा जैसे सारे प्रजापति भी शामिल हैं। अविनाशी सर्वव्यापी स्वामी होने के कारण उन्होंने बाकि जीवों के खाने पीने के लिए ये सारे वृक्ष और सब्जियाँ पैदा करी। |
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