न द्रुमेभ्यो महाभागा दीनेभ्यो द्रोग्धुमर्हथ ।
विवर्धयिषवो यूयं प्रजानां पतय: स्मृता: ॥ ७ ॥
अनुवाद
हे भाग्यशाली महानुभावों, तुम लोगों को इन दरिद्र वृक्षों को जलाकर उन्हें भस्म नहीं करना चाहिए। तुम लोगों का कर्तव्य है कि अपने नागरिकों (प्रजा) के लिए समस्त समृद्धि की कामना करो और उनके रक्षक के रूप में कार्य करो।
O fortunate ones! You should not burn these poor trees to ashes. Your duty is to wish all prosperity to the citizens (praja) and act as their protectors.
तात्पर्य
यहाँ संकेत दिया गया है कि सरकार या राजा का केवल मानव का नहीं बल्कि सभी जीवधारियों की सुरक्षा करने का दायित्व है, जिसमें पशु, पेड़ और पौधे शामिल हैं। अनावश्यक रूप से किसी भी जीवधारी की हत्या नहीं की जानी चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥