Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.4.40: परमेश्वर के उस अद्भुत और तेजस्वी रूप को देखकर, प्रजापति दक्ष पहले तो थोड़े भयभीत हुए। परंतु बाद में प्रभु को देखकर अत्यधिक प्रसन्न हुए और उन्हें प्रणाम करने के लिए भूमि पर दण्डवत गिर पड़े। | bhagavat अध्याय 6.4: प्रजापति दक्ष द्वारा भगवान् से की गई हंसगुह्य प्रार्थनाएँ । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
परमेश्वर के उस अद्भुत और तेजस्वी रूप को देखकर, प्रजापति दक्ष पहले तो थोड़े भयभीत हुए। परंतु बाद में प्रभु को देखकर अत्यधिक प्रसन्न हुए और उन्हें प्रणाम करने के लिए भूमि पर दण्डवत गिर पड़े।
Seeing that wonderful and effulgent form of the Lord, Prajapati Daksha was initially a little frightened, but later he became extremely happy after seeing the Lord and fell down on the ground to pay his obeisance to Him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥