शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा: कृपया मेरी बात ध्यानपूर्वक सुनें कि कैसे प्रजापति दक्ष, जो अपनी बेटियों से बहुत प्यार करते थे, ने अपने वीर्य और मन से विभिन्न प्रकार के जीवों को बनाया।
Sukadeva Goswami continued: Please listen from me very attentively how Prajapati Daksh, who was very affectionate toward his daughters, produced various kinds of living entities from his semen and mind.
तात्पर्य
शब्द दुहितृ-वत्सलः दर्शाता है कि सभी प्रजा दक्ष की पुत्रियों से ही जन्मी थीं। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर ने कहा है कि जाहिर तौर पर दक्ष का कोई पुत्र नहीं था।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥