श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य  »  अध्याय 3: यमराज द्वारा अपने दूतों को आदेश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.3.9 
नीयमानं तवादेशादस्माभिर्यातनागृहान् ।
व्यामोचयन्पातकिनं छित्त्वा पाशान प्रसह्य ते ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
हम आपके निर्देशों के अनुसार जब महान पापी अजामिल को नरक की ओर ले जा रहे थे, तभी पवित्र सिद्धलोक से आए कुछ सुंदर पुरुषों ने बलपूर्वक उन रस्सियों को काट दिया जिनसे हम उसे बांधकर ला रहे थे।
 
While we were, as per your orders, bringing the great sinner Ajamil to hell, those handsome men from Siddhaloka forcefully cut the knots of the ropes with which we were holding him captive.
तात्पर्य
श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर कहते हैं कि यमदूत विष्णुदूतों को यमराज के सामने ले जाना चाहते थे। यदि यमराज विष्णुदूतों को दंडित कर पाते, तो यमदूत संतुष्ट हो जाते।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)