श्रील माध्वाचार्य बताते हैं कि ओतं प्रोतं शब्द सभी कारणों के कारण को दर्शाते हैं। परमेश्वर ब्रह्मांडीय अभिव्यक्ति के लिए लंबवत और क्षैतिज दोनों हैं। इसकी पुष्टि स्कंद पुराण के निम्नलिखित श्लोक से होती है:
यथा कंठा-पटः सूत्र
ओताः प्रोताश्च स स्थिताः
एवं विष्णाव इदं विश्वं
ओतं प्रोतं च संस्थितं
जैसे एक रजाई के दो धागे, क्षैतिज और लंबवत, जिससे बनी होती है, भगवान विष्णु ब्रह्मांडीय अभिव्यक्ति के लंबवत और क्षैतिज कारण के रूप में स्थित हैं।
