Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.2.47-48: इस अति गोपनीय ऐतिहासिक कथा में सभी पापों को नष्ट करने की शक्ति है, इसलिए जो कोई भी इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ सुनता या सुनाता है, वह नरक नहीं जाता, चाहे उसका भौतिक शरीर हो या वह कितना ही पापी क्यों न रहा हो। यमराज के आदेशों का पालन करने वाले यमदूत उसे देखने के लिए भी उसके पास नहीं जाते। शरीर त्यागने के बाद वह भगवान के धाम में लौटता है जहाँ उसका आदरपूर्वक स्वागत किया जाता है और पूजा की जाती है। | bhagavat अध्याय 6.2: विष्णुदूतों द्वारा अजामिल का उद्धार । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस अति गोपनीय ऐतिहासिक कथा में सभी पापों को नष्ट करने की शक्ति है, इसलिए जो कोई भी इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ सुनता या सुनाता है, वह नरक नहीं जाता, चाहे उसका भौतिक शरीर हो या वह कितना ही पापी क्यों न रहा हो। यमराज के आदेशों का पालन करने वाले यमदूत उसे देखने के लिए भी उसके पास नहीं जाते। शरीर त्यागने के बाद वह भगवान के धाम में लौटता है जहाँ उसका आदरपूर्वक स्वागत किया जाता है और पूजा की जाती है।
Since this highly confidential historical story has the power to destroy all sins, whoever listens to it or narrates it with faith and devotion does not go to hell, no matter how sinful he may have been in a physical body. In fact, the messengers of death who carry out the orders of Yamaraja do not even go near him to look at him. After giving up his body, he returns to the abode of God where he is respectfully welcomed and worshipped.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥