अथ ते क्व गता: सिद्धाश्चत्वारश्चारुदर्शना: ।
व्यामोचयन्नीयमानं बद्ध्वा पाशैरधो भुव: ॥ ३१ ॥
अनुवाद
और वे चारों मुक्त और अति सुंदर व्यक्ति कहाँ चले गए जिन्होंने मुझे गिरफ्तारी से रिहा किया और मुझे नारकीय क्षेत्रों में घसीटकर ले जाने से बचाया?
And where have those four free and very beautiful men gone who freed me from bondage and saved me from being dragged to the hellish regions?
तात्पर्य
जैसा कि हमने पांचवें सर्ग में वर्णन से सीखा है, नारकीय ग्रह इस ब्रह्मांड के निचले हिस्सों में स्थित हैं। इसलिए उन्हें अधो भुवः कहा जाता है। अजामिल समझ सकते थे कि यमदूत उस क्षेत्र से आए थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥