श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य  »  अध्याय 2: विष्णुदूतों द्वारा अजामिल का उद्धार  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.2.23 
तं विवक्षुमभिप्रेत्य महापुरुषकिङ्करा: ।
सहसा पश्यतस्तस्य तत्रान्तर्दधिरेऽनघ ॥ २३ ॥
 
 
अनुवाद
हे निष्पाप महाराज परीक्षित! पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् के दूत विष्णुदूतों ने देखा कि अजामिल कुछ कहना चाह रहा था, अतः वे तुरंत उसकी दृष्टि से गायब हो गए।
 
O sinless King Parikshit! The messengers of the Supreme Personality of Godhead, Viṣṇu, saw that Ajāmila wanted to say something, so they suddenly disappeared from his sight.
तात्पर्य
शास्त्रों में लिखा है:

पापिष्ठा ये दुराचार

देव ब्राह्मण निंदकाः

अपथ्य भोजनास्तेषां

अकाले मरणं ध्रुवं

"जो लोग पापिष्ठ हैं, अति पापी और दुराचार, बहुत अधर्मी हैं या अपनी आदतों से veľmi अशुद्ध हैं, जो ईश्वर के अस्तित्व के विरुद्ध हैं, जो वैष्णवों और ब्राह्मणों का निरादर करते हैं, और जो कुछ भी और हर चीज खाते हैं, उनका अकाल मृत्यु निश्चित है।" ऐसा कहा जाता है कि कलि-युग में एक सौ वर्ष का अधिकतम जीवनकाल होता है, परंतु जैसे-जैसे लोग भ्रष्ट होते जाते हैं, उनके जीवन की अवधि घटती जाती है (प्रायेण अल्पायुष:)। क्योंकि अजामिल अब सभी पाप प्रतिक्रियाओं से मुक्त था, उसका जीवनकाल बढ़ा दिया गया, भले ही उसे तुरंत मर जाना था। जब विष्णु दूतों ने अजामिल को कुछ कहने की कोशिश करते देखा, तो वे उसे सर्वोच्च भगवान की महिमा करने का मौका देने के लिए गायब हो गए। चूंकि उसकी सभी पाप प्रतिक्रियाओं का नाश हो गया था, अब वह प्रभु की महिमा करने के लिए तैयार था। वास्तव में, जब तक कोई व्यक्ति सभी पाप कर्मों से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक वह प्रभु की महिमा नहीं कर सकता। इस बात की पुष्टि स्वयं कृष्ण ने भगवद-गीता (7.28) में की है:

येशां त्व अंतगतं पापं

जननां पुण्य कर्माणां

ते द्वंद्व मोह निर्मुक्ता

भजन्ते माम द्रढव्रता:

"जो लोग पिछले जन्मों और इस जीवन में पवित्र रूप से कार्य कर चुके हैं, जिनके पाप कर्म पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं और जो भ्रम के द्वैत से मुक्त हैं, वे दृढ़ निश्चय के साथ मेरी सेवा में संलग्न हैं।" विष्णुदूतों ने अजामिल को भक्ति सेवा के बारे में जागरूक कराया ताकि वह तुरंत घर लौटने, भगवान के पास वापस जाने के योग्य बन सके। प्रभु की महिमा करने की उनकी उत्सुकता को बढ़ाने के लिए, वे गायब हो गए ताकि वह उनकी अनुपस्थिति में अलगाव महसूस करे। अलगाव के मोड में, भगवान का महिमामंडन बहुत तीव्र होता है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)