Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.18.54: कश्यप मुनि ने आगे कहा, "यदि तुम श्रद्धापूर्वक कम से कम एक वर्ष तक इस व्रत में लगी रहकर पुंसवन अनुष्ठान को करोगी, तो तुम्हारे एक पुत्र का जन्म होगा जो इन्द्र का वध करने के भाग्य वाला होगा। लेकिन अगर इस व्रत में कोई गलती हो गई, तो तुम्हारा पुत्र इन्द्र का मित्र बनेगा।" | bhagavat अध्याय 6.18: राजा इन्द्र का वध करने के लिए दिति का व्रत । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कश्यप मुनि ने आगे कहा, "यदि तुम श्रद्धापूर्वक कम से कम एक वर्ष तक इस व्रत में लगी रहकर पुंसवन अनुष्ठान को करोगी, तो तुम्हारे एक पुत्र का जन्म होगा जो इन्द्र का वध करने के भाग्य वाला होगा। लेकिन अगर इस व्रत में कोई गलती हो गई, तो तुम्हारा पुत्र इन्द्र का मित्र बनेगा।"
Sage Kashyap further said, "If you perform this Punsavan ritual by observing this fast with devotion for at least one year, then you will have a son who will kill Indra. But if any mistake is made in performing this fast, then your son will become Indra's friend."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥