Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.18.29: यद्यपि कश्यप मुनि विद्वान थे, वे दिति के बनावटी व्यवहार से प्रभावित हो गए और उसके नियंत्रण में आ गए। उन्होंने त्वरित आश्वासन द्वारा उसकी इच्छाएँ पूरा करने का वादा किया। पति का ऐसा वादा करना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। | bhagavat अध्याय 6.18: राजा इन्द्र का वध करने के लिए दिति का व्रत । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं स्त्रिया जडीभूतो विद्वानपि मनोज्ञया ।
बाढमित्याह विवशो न तच्चित्रं हि योषिति ॥ २९ ॥
अनुवाद
यद्यपि कश्यप मुनि विद्वान थे, वे दिति के बनावटी व्यवहार से प्रभावित हो गए और उसके नियंत्रण में आ गए। उन्होंने त्वरित आश्वासन द्वारा उसकी इच्छाएँ पूरा करने का वादा किया। पति का ऐसा वादा करना कोई आश्चर्य की बात नहीं है।
Though sage Kasyapa was a learned man, he was charmed by Diti's artificial behaviour and came under her spell. So he assured his wife that he would fulfill her desires. Such a promise from a husband is not surprising at all.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥