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bhagavat 6.17.26: इसके पश्चात, महान संत नारद, राक्षसों, सिद्धलोक के निवासियों और उनके निजी सहयोगियों की उपस्थिति में, सबसे शक्तिशाली भगवान शिव ने अपनी पत्नी पार्वती से बात की और वे सभी सुन रहे थे।   |   bhagavat अध्याय 6.17: माता पार्वती द्वारा चित्रकेतु को शाप   ।   bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य  »  अध्याय 17: माता पार्वती द्वारा चित्रकेतु को शाप  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.17.26 
ततस्तु भगवान् रुद्रो रुद्राणीमिदमब्रवीत् ।
देवर्षिदैत्यसिद्धानां पार्षदानां च श‍ृण्वताम् ॥ २६ ॥
 
 
अनुवाद
इसके पश्चात, महान संत नारद, राक्षसों, सिद्धलोक के निवासियों और उनके निजी सहयोगियों की उपस्थिति में, सबसे शक्तिशाली भगवान शिव ने अपनी पत्नी पार्वती से बात की और वे सभी सुन रहे थे।
 
Thereafter, Almighty Lord Shiva spoke to His wife Parvati in front of Paramsadhu Narad, demons, residents of Siddhaloka and His personal associates and they all kept listening.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)