Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 6.17.16: श्री शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा—हे राजा परीक्षित! पार्वती द्वारा शाप दिए जाने के कारण चित्रकेतु अपने विमान से उतर गया और विनम्रतापूर्वक उसके सामने नतमस्तक होकर उसे पूरी तरह से प्रसन्न कर दिया। | bhagavat अध्याय 6.17: माता पार्वती द्वारा चित्रकेतु को शाप । bhagavat स्कन्ध 6: मनुष्य के लिए विहित कार्य । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीशुक उवाच
एवं शप्तश्चित्रकेतुर्विमानादवरुह्य स: ।
प्रसादयामास सतीं मूर्ध्ना नम्रेण भारत ॥ १६ ॥
अनुवाद
श्री शुकदेव गोस्वामी ने आगे कहा—हे राजा परीक्षित! पार्वती द्वारा शाप दिए जाने के कारण चित्रकेतु अपने विमान से उतर गया और विनम्रतापूर्वक उसके सामने नतमस्तक होकर उसे पूरी तरह से प्रसन्न कर दिया।
Sri Sukadeva Goswami further said—O King Parikshit! After being cursed by Parvati, Citraketu came down from his plane, humbly bowed down before her and completely pleased her.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥